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उज्जैन में सेल्फ डिंफेंस करना सीख रहीं लड़कियां:खुद की रक्षा के लिए सिखा रहे तलवार-लाठी चलाना
उज्जैन और आसपास के इलाकों में बढ़ रही छेड़खानी और लव जेहाद से लड़कियों को बचाने के लिए दबंग हिंदू सेना ने मैदान संभाला है। इसके चलते उज्जैन के नजदीक तराना में सेना ने लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्हें खुद की रक्षा के लिए लाठी व तलवार चलाना भी सिखाया गया। यदि हथियार पास न हो तो अपने हाथ-पैर से कैसे सुरक्षा करें इसकी भी ट्रेनिंग दी गई। उन्हें जूड़े में लगने वाले पिन को कैसे हथियार बनाकर हमलावर से रक्षा करना भी बताया जाएगा।
दबंग हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखाड़ा परिषद के पूर्व महामंत्री परमहंस डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने भास्कर से चर्चा में बताया कि इस ट्रेनिंग में 9 से 20 साल तक की लड़कियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह ट्रेनिंग देशभर में आयोजित की जाएगी। लड़कियों को मार्शल आर्ट में भी माहिर किया जाएगा। चरित्र निर्माण, संस्कार के साथ यह भी बताएंगे कि आखिर क्यों देवी-देवता एक हाथ में पुस्तक तो दूसरे में हथियार रखते थे।
अभी हम तीन दिन का प्रशिक्षण दे रहे हैं, लेकिन इसे हम नियमित रूप से क्लासेस संचालित करेंगे। अवधेशपुरी महाराज ने बताया कि दरअसल सरकार इसमें कानून बनाकर हट जाती है। जब बच्चियों पर हमला होता है या उन्हें कोई बुरी नजर से देखता है तो उन्हें सरकार, पुलिसा या माता-पिता-भाई बचाने नहीं आ सकते। उन्हें खुद ही इसका सामना करना पड़ता है। इसलिए हमारा पूरा जोर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का भी है।
तराना में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में दबंग हिंदू सेना के संस्थापक लोकेश शर्मा एवं ललित परमार ने बालिका प्रशिक्षण शिविर लगवाया था। यहां ट्रेनर मुस्कान सिसौदिया ने बच्चियों को लाठी चलाना और तलवार बाजी के गुर सिखाए।